तारीफ़, तारीफ़
मिलके करो सारे तारीफ़ (2)
यीशु की जो है प्यारा मुन्जी
1. उस ने हम सबको है बनाया
जो कुछ दिखता उसने रचाया
सारे जहाँ का वह शहनशाह (2)
2. पापों से वह पाक है करता
सारी खतायें माफ़ है करता
सारे रोगों को करता चंगा (2)
3. उसकी मौत से ज़िन्दगी है पाई
आशा नयी एक उसने दिलाई
बैठेंगे तख्त पर फ़तहमन्द ही (2)
4. हम्द-ओ-सन्ना मिल के करेंगे
सदा वहाँ पर उसको ताकेंगे
गीत नया वहाँ गायेंगे (2)